तीहरे हत्याकांड के आरोपी रवि शर्मा* *को 6 साल बाद मिली ,उसके दरिंदगी की सर्वोच्च सजा* *मृत्युदंड

# 29 Apr, 2026

*तीहरे हत्याकांड के आरोपी रवि शर्मा* *को 6 साल बाद मिली ,उसके दरिंदगी की सर्वोच्च सजा* *मृत्युदंड*

1.एक ही रात में तीन लोगों को उतारा मौत के घाट

2. पत्नी और डेढ़ महीने की बच्ची सहित मानसिक रूप से अस्वस्थ अनजान व्यक्ति की हत्या

3. खुद को मरा साबित करना चाहता था हत्यारा रवि शर्मा

4. घरेलू गैस को ब्लास्ट कर तीनों मृतकों को जलाने की थी नापाक योजना कहानी किसी थ्रिलर मूवी की तरह परत दर परत ..

घटना के बाद आरोपी के पकड़े जाने पर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उनके भी होश उड़ गए... दिनांक 21.01.20 के घटना की सुबह ....5.35 बजे. भिलाई के सेक्टर एरिया तालपुरी की रहने वाली मंजू शर्मा के मोबाइल से उसकी मां कला सूर्यवंशी को फोन आता है... "तुम्हारे बेटी दामाद अपने मकान में जल रहे बचा सको तो बचा लो"...इससे पहले कि कला बाई कुछ समझ पाती फोन कट हो गया... उसने तुरंत अपने बेटे और उसके दोस्तों को बेटी मंजू के तालपुरी पारिजात कॉलोनी वाले मकान में देखने के लिए भेजा... जहां मंजू अपने पति रवि तथा डेढ़ माह की बेटी निशा के साथ किराए के फ्लैट no 20 N में रहती थी...वहां जाकर देखने पर.. मकान में बाहर से ताला लगा था पर अंदर से धुआं उठ रहा था...फोन कॉल और मौके की परिस्थितियों से यह तो जाहिर था कि कोई अनहोनी हो गई है... पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ कर अंदर देखा गया तो मकान में चारों तरफ गहरा धुआं भरा हुआ था...पुलिस को सूचना दी गई ....पुलिस और FSL की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया ...सोने के कमरे में बिस्तर पर मंजू की अधजली सी लाश पड़ी थी..जिसके मुंह, हाथ और पैर को कार्टून पैक करने वाले चौड़े टैप से बांधा गया था... बगल में उसकी डेढ़ माह की बच्ची निशा मृत हालत में पड़ी थी.. बिस्तर के नीचे एक आदमी औंधे पड़ा था जिसका पेट का हिस्सा आधा जला हुआ था... उस आदमी के चेहरे और हाथ_ पैर को भी चौड़े टैप से बांधा गया था... आदमी का मुंह गैस चूल्हे के स्टोव पर और एक बड़ी तगाड़ी में लकड़ी कपड़े जला कर पेट वाले हिस्से को उस पर रखा गया था...मृतक का पेट का हिस्सा पूरी तरह जला हुआ.. चेहरे में कस कर टेप बंधा हुआ... मंजू शर्मा की मां को गए फोन कॉल के मुताबिक तो वह तीसरा बॉडी मंजू के पति रवि शर्मा का होना चाहिए था.. पर मुंह पर लगा टेप हटाने पर वह कोई अंजान व्यक्ति निकला जिसे वहां मौजूद कोई भी नहीं पहचानता था.. सोने के कमरे के दरवाजे पर चाक से "मुझे मजबूरी में मंजू के साथ पति और बच्चे को मारना पड़ रहा है मंजू बेवफा निकली *संजय देवांगन आर्मी*" लिखा था... लेकिन मरा पड़ा आदमी तो रवि था ही नहीं....

इस तरह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी.. पुलिस को यह बात समझते देर नहीं लगी कि हत्यारा रवि ही है जो अपने पत्नी और बच्चे के साथ अपने कद का काठी के किसी व्यक्ति को मार कर फरार हो गया है... मृत व्यक्ति को वह अपनी पहचान देना चाहता था इसलिए अज्ञात मृतक की पहचान छुपाने के लिए उसे मारने के बाद चेहरे और बॉडी को पूरी तरह जलाना चाहता था जिससे उसकी पहचान न सके, पर संभवतः गैस के बंद हो जाने से अज्ञात व्यक्ति का चेहरा पूरी तरह नहीं जल पाया.. आसपास CCTV फुटेज चेक किए गए तो पता चला दोपहर को रवि अपनी स्कूटी में एक अज्ञात व्यक्ति को लेकर अपने मकान की तरफ आते दिखाई दे रहा है.. और दूसरे दिन सुबह 3.45 बजे उसी स्कूटी को लेकर अकेले कॉलोनी के बाहर जाते दिख रहा है...जिससे यह साफ हो गया कि रवि ही हत्यारा है...

पुलिस ने रवि का इतिहास खंगाला तो पता चला कि वह जिला गया बिहार का रहने वाला है, परंतु कुछ सालों से वह अपनी पूर्व पत्नी और दो बच्चे को राउरकेला में शिफ्ट कर दिया था...और स्वयं काफी समय से भिलाई में रह रहा था... सुबह मृतिका मंजू के मां के पास आए मोबाइल कॉल को पुलिस ने ट्रेस किया तो पता चला कि वह कॉल सुबह रायपुर रेलवे स्टेशन से किया गया था ..इस बात की पूरी संभावना थी कि घटना के बाद , भाग कर वह अपने पत्नी और बच्चों के पास राउरकेला ही जायेगा... तत्काल राउरकेला रेलवे पुलिस को संपर्क कर उसका फोटो भेजकर उसके पकड़ धकड़ का इंतजाम कर लिया गया .. इधर से एक पुलिस टीम भी राउरकेला के लिए रवाना कर दिया गया..दूसरी तरफ उस अनजान मृतक की पहचान में पुलिस जुट गई परन्तु उसका कुछ पता ही नहीं चल पा रहा था..! इसी बीच खबर आई कि राउरकेला रेलवे स्टेशन में ट्रेन से उतरते ही रवि को रेलवे पुलिस ने डिटेन कर लिया है.. दुर्ग पुलिस ने उसे मौके से लिया और उसे भिलाई सेक्टर 6 थाना ले आई...तब तक उस अनजान मृतक का भी पहचान कर लिया गया था.. जो रिसाली का रहने वाला निकला, और 6 महीने पहले एक एक्सीडेंट के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा है.. उसकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका इलाज चल रहा है .. रवि को भिलाई लाए जाने और पूछताछ पर उसने अपना सारा गुनाह कबूल कर लिया उसने बताया कि अपने पत्नी और दो बच्चे को राउरकेला उड़ीसा में छोड़कर काम की तलाश में 2015 में दुर्ग आ गया था.. उसका काम यहां अच्छा जम गया पर वह अपने पूर्व पत्नी और दो बच्चों को यहां लेकर नहीं आया बल्कि मंजू से जान पहचान बढ़ने पर उससे पहली पत्नी के होते हुवे भी गुपचुप शादी कर हुडको में रहने लगा... मंजू के पहले पति ने भी उसे छोड़ दिया था.. उसकी तरफ से भी एक सात साल की बेटी थी...! घटना के डेढ़ महीने पहले मंजू ने एक बच्ची को जन्म दिया था.. रवि मंजू से बच्चा नहीं चाहता था.. लेकिन मंजू चाहती थी.. बच्चे के जन्म के बाद मंजू ज्यादा अधिकार जताने लगी.. रोज रोज झगड़े विवाद होने लगे... तंग आकर रवि ने मंजू को मारने की योजना बना डाली .. वह हुडको वाले किराए के मकान में अपने मनसूबे को अंजाम देने का प्रयास किया लेकिन परिस्थितियां इस काम के अनुकूल नहीं थी व् पकड़े जाने का डर था इसलिए उसने इसी योजना को अंजाम देने के लिए तालपुरी के पारिजात कालानी में फ्लैट किराए पर लिया... उसने योजना बनाई कि मंजू और बच्ची को मारने के साथ साथ अपने कद काठी के किसी व्यक्ति को भी मारकर जला देगा ताकि उस आदमी की पहचान न हो सके और पुलिस को यह लगे कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुरानी रंजिश के चलते, मंजू - रवि और छोटी बच्ची याने पूरे परिवार को मार दिया है..! और स्वयं अपने पूर्व पत्नी और बच्चे के साथ कही और जा कर रह सके,.... इसके लिए एक आदमी की जरूरत थी... कुछ दिन पहले इसी काम के लिए उसने एक मकान पुताई वाले को घर बुलाया था पर बात नहीं बनी .. वह ऐसे शख़्स की तलाश में लग गया जिसे घर पर ला कर आसानी से मार सके..

घटना के एक दिन पहले दिनांक 20.01.20 को वह दोपहर के वक्त इसी फिराक में सेक्टर 6 के शराब दुकान के पास गया था वहां उसे एक अर्धविक्षिप्त सा राजू नाम का आदमी मिला जो रवि के ही उम्र और कद काठी का था.. उसे रवि ने शराब पिलाने का लालच दिया... और दो पहर को ही अपने स्कूटी में बिठाकर पारिजात कॉलोनी वाले अपने फ्लैट पर ले आया रवि पहले से ही तैयारी कर नींद की कुछ दवाइयां शराब की बोतल में डाल रखा था..उसी शराब को उसने राजू को पिलाया...अधिक नशा होने के कारण राजू बेहोशी में सो गया रवि शाम होते ही अपनी अगली योजना पर काम करना शुरू कर दिया... मंजू को समझाया कि यह वह आदमी है जो हमें ब्लैकमेल कर रहा है... हमारी इस शादी और बच्चे के विषय में पहली पत्नी को बता दूंगा कह रहा है..जबकि पहली पत्नी को इस विषय में कुछ पता नहीं है.. इसको मारना जरूरी है नहीं तो हम दोनों साथ नहीं रह पाएंगे... मंजू को लगा कि बात सही है.. वह चुप हो गई रवि ने हथौड़े से पी राजू के सिर पर जोर से वार किया और पहले से ला रखे चौड़े टैप से राजू के हाथ पैर मुंह नाक को बांध दिया जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई ... उसकी पत्नी यह सब देख कर डर गई.. रवि ने कहा कि तुम सो जाओ मै सब सम्भाल लूंगा... उसने कुछ नीद की दवा पानी में घोल कर मंजू को भी पिला दिया... मंजू गहरी नींद में सो गई... योजना के अनुसार उसने मंजू के भी हाथ पैर मुंह नाक को टैप से बांध दिये जिससे उसकी भी दम घुटने से मृत्यु हो गई... आखिर में उसने अपने साथ ही डेढ़ माह की अबोध बच्ची को गोद में सुला कर उसका भी नाक मुंह बंद कर निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी... अब राजू की पहचान छुपानी थी उसने घर पर रखे तगाड़ी में कुछ लकड़ी कपड़े आदि को जलाया और उसमें राजू को लिटा दिया.. जिससे उसका पेट का हिस्सा ही जल पाया.. आगे उसने एक और खतरनाक योजना बनाई वह घरेलू गैस चूल्हे वाले बर्नर में राजू के सिर को रख कर गैस चालू कर पाइप को इस तरह से रखा कि पाइप में थोड़ी देर में आग लग जाए और सिलेंडर ब्लास्ट हो जाए... उसने यह जताने के लिए कि हत्या मंजू के किसी पूर्व प्रेमी ... संजय देवांगन आर्मी नाम के व्यक्ति ने की है , बेड रुम के दरवाजे में चाक से मंजू के बेवफा होने तथा मजबूरी में रवि और बच्चे की हत्या करने जैसी बात लिखकर , जरूरी सामान व हथौड़ा टैप,मंजू का मोबाइल आदि लेकर फ्लैट के दरवाजे को बाहर से बंद अपने स्कूटी से सीधे दुर्ग रेलवे स्टेशन गया, वहां पार्किंग में अपनी स्कूटी को लॉक कर छोड़ा.. गाड़ी के डिक्की में टैप के बचे हुवे रोल को रखा..और लोकल ट्रेन से रायपुर के लिए निकल गया रायपुर पहुंचते सुबह के 5.30 बज चुके थे वहां से राउरकेला का ट्रेन पकड़ने से पहले उसने अपने साथ लाए हुवे मंजू के फोन से सास यानी मंजू की मां कला बाई को फोन लगाया... रवि को अंदाजा था कि फ्लैट में आग पकड़ ली होगी गैस सिलेंडर भी ब्लास्ट हो गया होगा.. और राजू सहित सब जल गए होंगे फोन में आवाज बदलकर उसने बोला कि तुम्हारे बेटी दामाद घर पर जल रहे है.. बचा सको तो बचा लो...लेकिन उसकी आवाज को कला बाई ने पहचान लिया था.. मंजू की पहले पति से बेटी जो फिलहाल नानी के पास ही रह रही थी उसने भी फोन पर रवि की बात सुनी थी.. उसने रवि को कहा था कि पापा बोल रहे हो न रवि उसके बाद फोन बंद कर.. ट्रेन बदल कर राउरकेला के लिए रवाना हो गया लेकिन पुलिस की तत्परता से अपने पूर्व पत्नी और बच्चों के पास पहुंचने से पहले स्टेशन पर ही धरा गया.. पुलिस ने मंजू का मोबाइल हथौड़ा, टैप, स्कूटी, नीद की गोली के रैपर उसकी निशान देही पर जप्त किया उसकी जांच करवाई बेडरूम के दरवाजे पर लिखाई को हस्तलेख विशेषज्ञ से जांच करवाया गया जो रवि की लिखावट होना पाया गया है..

पुलिस के द्वारा मोबाइल्स के काल डिटेल्स विश्लेषण, उपयोग किए गए टैप तथा दवाई का परीक्षण, CCTV फुटेज, गवाहों के न्यायालय में कराए गए कथनों के महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर दुर्ग न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री यशवंत कुमार सारथी के न्यायालय ने इस जघन्य हत्याकांड के लिए आरोपी को *मृत्यदंड की सजा* सुनाई है..! दुर्ग न्यायालय में पदस्थ शासकीय अभिभाषक  भावेश कटरे ने मामले की पैरवी की, इस महत्वपूर्ण मामले में भिलाई नगर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ध्रुव ने विवेचना कार्यवाही पूरी कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया था , जो वर्तमान में Dysp के पद पर EOW/ACB में पदस्थ है.. जिनके द्वारा विवेचना किए पूर्व अन्य मामलों में भी मृत्यदंड, आजीवन कारावास की सजा हुई है..!

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