नववर्ष पर सिम्स को मिली अत्याधुनिक C-Arm मशीन की सौगात

# 31 Dec, 2025

' नववर्ष पर सिम्स को मिली अत्याधुनिक C-Arm मशीन की सौगात,

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर को नववर्ष के अवसर पर प्राप्त हुई अत्याधुनिक C-Arm मशीन को आर्थोपेडिक विभाग में कार्यरत चिकित्सकों ने मरीजों के हित में एक “मील का पत्थर” बताया है। इस मशीन की उपलब्धता से अब सिम्स में हड्डी रोग से संबंधित सर्जरी अधिक सटीक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से की जा सकेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में डॉ. रमणेश मूर्ति के चिकित्सा अधीक्षक कार्यकाल के दौरान खरीदी गई C-Arm मशीन ने लगभग 7 वर्षों तक निरंतर सेवाएँ दीं, जिसके बाद उसकी तकनीकी क्षमता पूर्ण हो गई थी। इसके बाद पिछले 7 वर्षों से सिम्स में C-Arm मशीन की गंभीर कमी महसूस की जा रही थी। मशीन के अभाव में आर्थोपेडिक विभाग के कई मरीजों को हायर सेंटर रायपुर या अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। अब नई C-Arm मशीन की उपलब्धता से सिम्स में भर्ती मरीजों को यहीं पर आधुनिक एवं उन्नत उपचार मिल सकेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह उपलब्धि सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह एवं आर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. ए. आर. बेन के सतत प्रयासों से संभव हो सकी है। नई मशीन स्कैनरए (Scanera) कंपनी की है, जो विशेष रूप से आर्थोपेडिक सर्जरी में उच्च गुणवत्ता की इमेजिंग प्रदान करती है।

 आर्थोपेडिक विभाग में कार्यरत डॉ. संजय गिले, डॉ. तरुण सिंह ठाकुर एवं डॉ. प्रमोद जायसवाल ने C-Arm मशीन को मरीजों के हित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि — “C-Arm मशीन की सहायता से फ्रैक्चर फिक्सेशन, इंटरलॉकिंग नेलिंग, प्लेटिंग एवं जटिल ट्रॉमा सर्जरी अब अधिक सटीकता के साथ की जा सकेगी। इससे ऑपरेशन का समय कम होगा, जटिलताएँ घटेंगी और मरीजों की रिकवरी तेज होगी। यह मशीन वास्तव में आर्थोपेडिक विभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगी।” 

अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “C-Arm मशीन आधुनिक चिकित्सा की आवश्यकता है। इसकी उपलब्धता से सिम्स में उपचार की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।”  चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का वक्तव्य डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “इस मशीन के आने से ट्रॉमा एवं आर्थोपेडिक सेवाएँ और सुदृढ़ होंगी। अब मरीजों को रेफर करने की आवश्यकता न्यूनतम रह जाएगी।

 आर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष  डॉ. ए. आर. बेन ने कहा कि “नई C-Arm मशीन से सर्जरी की सटीकता बढ़ेगी और विभाग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।” नई C-Arm मशीन की स्थापना से सिम्स बिलासपुर आर्थोपेडिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर अग्रसर हुआ है|

Banner