गुरुपूर्णिमा पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में "समसामयिक परिदृश्य में गुरु की महत्ता" विषय पर परिचर्चा का आयोजन

# 10 Jul, 2025

गुरुपूर्णिमा पर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में "समसामयिक परिदृश्य में गुरु की महत्ता" विषय पर परिचर्चा का आयोजन

रायपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, रायपुर में आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर "समसामयिक परिदृश्य में गुरु की महत्ता" विषय पर एक सारगर्भित परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी रहे। उन्होंने महाभारत काल से लेकर वर्तमान युग तक गुरु की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु न केवल ज्ञान का प्रकाश देता है, बल्कि व्यक्ति के अंतर-मन के अंधकार को भी दूर करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हमारे ज्योतिषीय मान्यताओं में 'गुरु' को सबसे बड़ा नक्षत्र माना गया है, जो उसकी आकर्षण शक्ति और महत्व को दर्शाता है। कुलपति महोदय ने छत्रपति शिवाजी और उनके गुरु, स्वामी विवेकानंद और भगिनी निवेदिता जैसी ऐतिहासिक गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को गुरुपूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए आग्रह किया कि गुरु के गुणों को प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं में आत्मसात करना चाहिए।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. तरुण धर दीवान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुलपति महोदय के कुशल नेतृत्व में आज विश्वविद्यालय शोध, प्लेसमेंट, '12B' की मान्यता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों और योग-अध्ययन के क्षेत्र में देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय एक मॉडल के रूप में उभरा है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकगण, अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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