गोलबाजार स्थित प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार

# 30 Jan, 2025

*रामदरबार,शिवलिंग व शिखर कलश को भव्य शोभायात्रा से लाया गया*

1 फरवरी से होगा स्थापना व जीर्णोद्धार कार्यक्रम

बिलासपुर। गोलबाजार स्थित प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर में अयोध्या राम मंदिर के प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर रामदरबार,शिवलिंग व शिखर कलश को भव्य शोभायात्रा के माध्यम से मंदिर में लाया गया यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गो से होकर मंदिर पहुंची जहां बैंड- बाजे व फूलों से स्वागत किया गया। बता दें कि जीर्णोद्धार व प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 1 फरवरी से प्रारंभ होगा जो 4 फरवरी तक चलेगा जिसमें विविध आयोजन किए जाएंगे। 1 फरवरी शनिवार को प्रात: 10 बजे कलश यात्रा निकलेगी,दोपहर को 1 बजे बेदी पूजन होगा संध्या आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा। 2 फरवरी को कलश पूजन एवं शिखर कलश स्थापना और संध्या आरती व प्रसाद वितरण होगा। 3 फरवरी को वसंत पंचमी के दिन सुबह 10 बजे से प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी दोपहर को हवन व पूर्णाहुति के पश्चात संध्या को भव्य महाआरती की जाएगी। रात्रि 8 बजे से राम भजन होगा जो देर रात तक चलेगा। 4 फरवरी को सुबह कन्या भोजन, ब्राम्हण भोजन, सुंदरकाण्ड और आरती के पश्चात समापन किया जाएगा।

मंदिर के इतिहास के बारे में देख रेख कर रहे अजय साहू ने बताया की बीते 30 वर्ष पूर्व एक चबूतरे में हनुमान भगवान की पूजा होते आ रही है,समय के अनुरूप भगवान के मंदिर के स्वरूप में बदलाव होते रहा,वर्तमान में आज के अनुरूप मंदिर को भव्य बनाया जा रहा है। इस मंदिर को बनाने उड़ीसा के कारीगर बीते 8 माह से यहां काम कर मंदिर की सरंचना काे आकर्षित रूप दे रहे। कई वर्षाे से संकट मोचन हनुमान की पूजा पीपल पेड़ के नीचे की जा रही थी, समय के अनुसार लोगों की आस्था ने मंदिर को आज के अनुरूप बनाने का निर्णय लिया जिसके बाद इसे नया बनाने का काम चल रहा है। मंदिर काे बनाने शहर के हर कोई का जनसहयोग इसमें मिल रहा है,तकरीबन 25 लाख की लागत से मंदिर को बनाया जा रहा,मंदिर में आज के अनुरूप हर चीजों का समावेश इसमें किया जा रहा है। मंदिर के स्ट्रक्चर को ही बनाया जा रहा,हनुमान की मुर्ति पर कोई भी बदलाव नहीं किया जा रहा। जो श्रृद्धालुओं की आस्था के साथ ही लोगो के लिए एक नए आकर्षण का केंद्र भी बन रहा है। इन्होंने बताया की वर्षों पुराना मंदिर जर्जर हो रहा था, जिसे तोड़कर मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। सन 1994 में जब मंदिर का निर्माण हुआ था तब इन सभी का सहयोग रहा है स्व मोली लाल सराफ, स्व लक्ष्मीनारायण साहू, स्व सत्सनारायण साहू, शत्रुघन श्रीवासन,राजेन्द्र श्रीवासन,संतोष सोनी गुरूदेव, राजेश पांडे, रमेश दुबे, महेश दुबे, जवाहर सराफ, महेन्द्र गुप्ता, आनंद मोहन दुबे, अरविंद गुलहरे, अशोक गुप्ता, किशोरी लाल ग्वाला बाबा भईया सहित अन्य का इसमें सहयोग रहा।

उज्जैन की शिवलिंग व राजस्थान का रामदरबार

अर्पित केशरवानी ने बताया कि हनुमान मंदिर में शंकर भगवान की शिवलिंग काे महाकाल की नगरी उज्जैन से मंगाया गया है,भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाएगी। मंदिर में रामदरबार को राजस्थान से लाया गया है,जिसमें राम भगवान की पूजा की जाएगी। 21 फीट के गुंबज से दिखेगा भव्य इस मंदिर में 21 फीट का भव्य गुबंज भी बनाया जा रहा है, जिसे उड़ीसा के कारीगरों ने बड़े-बड़े मंदिरों में बने गुंबज की तरह ही इसकी आकृति दी है। कारीगर ने बताया की गुंबज को ही तैयार करने एक माह से सभी जुटे हुए है। अंतिम रूप अब गुंबज काे दिया जा रहा है। प्र

तिमा में कोई बदलाव नहीं

अजय साहू ने बताया की भक्तों की आस्था का भी ध्यान खास तौर पर रखा गया है,मंदिर का पूरा स्ट्रक्चर नया रहेगा मगर हनुमान की प्रतिमा वही है,मुर्ति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आज भी वही हनुमान जी की पूजा की जा रही है। चांदी का मुकुट,छत्र व गदा बनारस से आ रहा भगवान हनुमान जी का चांदी का मुकुट,क्षत्र व गदा को बनारस से मंगाया जा रहा है,भगवान हनुमान का और श्रृंगारित सामानों को अन्य जगहों से लाया जा रहा है। इसी तरह गुंबज के उपर शिखर कलश को उज्जैन से मंगाया गया है।

Banner