बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाला 65 वर्षीय पूर्व प्रिंसिपल व आरएसएस का संभागीय पदाधिकारी पुलिस की गिरफ्त में

# 11 Apr, 2021

बिलासपुर-यू तो स्कूलों को विद्या का मंदिर कहा जाता हैं और शिक्षकों को वहां का भगवान पर जब भगवान ही हैवान बन जाये तो लोगो का भरोसा ही शिक्षकों से उठने लगता हैं, एसा ही एक मामला सामने आया है संस्कारो के मंदिर कहे जाने वाले आरएसएस द्वारा सन्चालित सरस्वती शिशु मन्दिर के पूर्व प्राचार्य के करतूतों का,जिसने 13 वर्षीय बालक से डरा धमका कर अप्राकृतिक कृत्य किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी,पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार सरकण्डा के बंधवापारा में रहने वाला 65 वर्षीय गोपी चंद चन्द्रा आरएसएस का सक्रिय कार्यकर्त्ता हैं, व नूतन कालोनी स्थित कन्याशाला में वर्षों से आरएसएस की शाखा का संचालन करता हैं, इसके अलावा वह आरएसएस संगठन में संभागीय मार्ग प्रमुख के पद पर पदस्थ था।वह सरस्वती शिशु मंदिर सरकण्डा से प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुआ था।आरोपी 13 वर्षीय बालक को रोजाना कसरत करने के बहाने शाखा में बुलाया करता था,इस तरह से छात्र से घनिष्ठता बढ़ाने के बाद उसे सुने जगह में ले जा कर अप्राकृतिक कृत्य करने लगा।यह सिलसिला तकरीबन 4 माह तक चला,किसी को भी बताने पर आरोपी ने बच्चे को जान से मारने की धमकी दी थी,जिस से डर कर बच्चे ने किसी को नही बताया था। पर आरोपी ने हदे पार करते हुए बच्चे को यह कह के डरवाने लगा कि तेरे पेट मे मैं अपना बच्चा डालना चाहता हु,तब भयाक्रांत बच्चे ने इसकी शिकायत घर वालो से की तब बच्चे के माता पिता ने थाने का कर शिकायत कि जहां बच्चे की काउंसलिंग के बाद सारा मामला स्प्ष्ट हो गया और आरोपी पर धारा 377,506,4-chl, 6-chl कायम कर गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब हैं कि अपने कार्यकाल में गोपी चंद चन्द्रा पर संस्थान में आर्थिक अनियमितता के आरोप भी लगे थे,वो स्कूल के भवन को शादियों में किराए में दे कर किराये का पैसा खुद हजम कर जाते थे,जिसकी शिकायत मिलने पर उन्हें जांच के बाद सरकण्डा स्कूल से स्थानांतरित कर सकरी सकरी भेज दिया गया था।सेवानिर्विति के बाद भी कुछ समय तक आरोपी स्कूल में अपनी स्वेक्षिक सेवाएं देते रहा था।

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